tag:blogger.com,1999:blog-4652068319044200788.post4710273345640398495..comments2008-02-11T03:16:23.461-08:00Comments on पर्यावरण डाइजेस्ट: ११ विशेष लेखडॉ. खुशालसिंह पुरोहितhttp://www.blogger.com/profile/03730021094723147040noreply@blogger.comBlogger1125tag:blogger.com,1999:blog-4652068319044200788.post-19309664675388874262008-02-11T03:16:00.000-08:002008-02-11T03:16:00.000-08:00आपने इस लेख को "फुल जस्टिफाई" किया है. यह इंटरनेट ...आपने इस लेख को "फुल जस्टिफाई" किया है. यह इंटरनेट एस्क्प्लोरर में तो सही दिखता है, लेकिन फायरफाक्स में इसका एक शब्द भी नहीं पढा जाता है. सारे के सारे अक्षर खंडित हैं.<BR/><BR/>चूंकि आज जाल पर 50% अधिक फायरफाक्स या उसके इंजन पर अधारिक ब्राउसरों का प्रयोग करते हैं, अत: हिन्दीजगत के आधे से अधिक लोग आप का चिट्ठा नहीं पढ पाते.<BR/><BR/>जब कोई चिट्ठा पढने की स्थिति में नहीं है तो लोग उसे छोड कर आगे बढ जाते हैं. उनको कोई नुक्सान नहीं लेकिन चिट्ठाकार को नुक्सान है क्योंकि जिन लोगों के लिये उसने मेहनत से यह चिट्ठा तय्यार किया है उसमें से आधे लोग इसे पढ नहीं पाते हैं. <BR/><BR/>कृपया भविष्य में सिर्फ "लेफ्ट जस्टिफाई" का प्रयोग करें जिस से आपके चिट्ठे पर आने वाले 100% लोग इसे पढ सकें.Shastrihttp://www.blogger.com/profile/00286463947468595377noreply@blogger.com