शनिवार, 23 अक्तूबर 2010

१३ पर्यावरण समाचार

अब म.प्र.में बीओटी के तहत लगेंेगे पौधे

मध्यप्रदेश में अब पेड़-पौधे लगाने के लिए सरकार को अपनी एजेंसियों पर उतना भरोसा नहीं रहा तो अब इस क्षेत्रमें निजी निवेशकों को आमंत्रित करने जा रही है । यह बड़े उद्योगपति प्रदेश मे पौधे लगाएंगे । वे पौधों में लगे फल खाएंगे और फलों के साथ लकड़ी भी बेचकर अपनी जेब गर्म करेंगे ।
राज्य सरकार ने इस संबंध में नई नीति तैयार कर ली है । इसे शीघ्र ही केबिनेट में निर्णय के लिये पेश किया जाएगा । वैसे तो प्रदेश में अभी हरियाली महोत्सव के दौर में सरकारी एजेंसियां पेड़-पौधे लगाने के नाम पर जमकर चांदी काट रही है । यदि अगली कैबिनेट में ही इस संबंध में प्रस्ताव आ गया और कैबिनेट ने हरी झंडी दे दी तो उद्योगपति प्रदेश में सड़कों के किनारे पेड़-पौधे लगाएंगे । प्रदेश मे बिल्ट-आपरेट-ट्रांसफर यानि बीओटी के तहत सड़कें बनाने का क्रम लगातार जारी है । इन सड़कों पर सरकार की सहमति और निजी निवेशकों की मनमर्जी से जनता से जमकर टोल टैक्स की वसूली होती है । कई स्थानों पर तो बीओटी के तहत सड़क चमकाने वाले निवेशकों के लठैत डंडे के जोर पर भी वसूली करते हैं । इसे लेकर काफी विवाद भी हो चुका है और मामले को लेकर विधानसभा में भी चिंता जाहिर की जा चुकी है । इसी तरह कमोबेश वृक्षों की सुरक्षा और दोहन के लिए भी निजी निवेशक अपने लोगों की तैनाती
करेंगे ।
यदि निजी निवेशक हैं तो जाहिर है वे हर कहीं तो पेड़-पौधे लगाएंगे नहीं, लिहाजा सरकार ने उनके लिये सड़कों का भी चयन कर दिया है । ये निवेशक राष्ट्रीय राजमार्ग और राज्य मार्गोंा के किनारे ही वृक्ष लगा सकेंगे, वहीं सरकार ने तालाबों को भी उनके हवाले करने की नीति बनाई है ।
सरकार ने जो नीति तैयार की है उसके तहत निजी निवेशकों को राष्ट्रीय राजमार्ग व राज्य मार्ग के साथ तालाब के किनारे कुल तीन कतार में वृक्ष लगाने होंगे । उसमें से दो कतार पर सरकार का अधिपत्य रहेगा । बाकी एक पर निजी निवेशक का हक होगा । देखना है कि इस योजना का भविष्य क्या होता है ?
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